बंद करे

बटेश्वर मंदिर

श्रेणी धार्मिक

धार्मिक / मेला

आगरा से लगभग 70 किमी दूर यमुना के मनोहारी मोड़ पर बसे बटेश्वर में भगवान शिव (बटेश्वरनाथ महादेव) को समर्पित 101 मंदिरों की शृंखला है, जिनके श्वेत घाट नदी में प्रतिबिम्बित होते हैं। कार्तिक पूर्णिमा (अक्टूबर–नवम्बर) के आसपास माहभर चलने वाला बटेश्वर मेला उत्तर भारत के सबसे बड़े पशु मेलों में से एक है, जिसमें स्नान-पर्व एवं लोक-प्रस्तुतियाँ होती हैं। बटेश्वर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक ग्राम भी है; समीप ही भगवान नेमिनाथ से सम्बद्ध जैन तीर्थ शौरीपुर स्थित है।

समय: मंदिर प्रतिदिन प्रातः से सायं तक खुले

साप्ताहिक अवकाश / विशेष दर्शन: सभी दिवस खुले; वार्षिक मेला कार्तिक पूर्णिमा के आसपास।

प्रवेश शुल्क

श्रेणी प्रति व्यक्ति शुल्क
सभी दर्शक निःशुल्क

 

कैसे पहुँचें: आगरा से फ़तेहाबाद–बाह मार्ग (NH-509) द्वारा लगभग 70 किमी दक्षिण-पूर्व; टैक्सी से अथवा मेले के दौरान रोडवेज़ की विशेष सेवाओं से। नंदगवाँ/जरार स्थित चम्बल सफ़ारी के साथ भ्रमण किया जा सकता है।

सुविधाएँ एवं सुझाव: बाह नगर में मूलभूत सुविधाएँ; मेले के दौरान जिला प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएँ।

ऑनलाइन टिकट: asi.paygov.org.in  |  पर्यटक हेल्पलाइन: 1363  |  आपातकाल: 112

नोट :- 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों (भारतीय एवं विदेशी) का प्रवेश निःशुल्क है। विदेशी पर्यटकों हेतु ₹500 का ADA पथकर प्रतिदिन एक बार देय है, जो आगरा के प्रमुख स्मारकों पर उसी दिन मान्य रहता है; शुक्रवार को यह देय नहीं है। शुल्क ASI/ADA द्वारा संशोधन के अधीन हैं — वर्तमान दरें asi.paygov.org.in पर उपलब्ध हैं। कृपया केवल लाइसेंसधारी गाइड की सेवाएँ लें; उत्पीड़न या अधिक वसूली की शिकायत पर्यटक पुलिस (112) अथवा पर्यटक हेल्पलाइन 1363 पर करें।

फोटो गैलरी

  • Bateshwar Temple