चीनी का रौज़ा
ASI संरक्षित स्मारक
शाहजहाँ के प्रधानमंत्री एवं कवि-विद्वान अल्लामा अफ़ज़ल ख़ाँ ‘मुल्ला शुकरुल्लाह शीराज़ी’ का यह मकबरा लगभग 1635 में यमुना के बाएँ तट पर निर्मित हुआ। यह आगरा का एकमात्र स्मारक है जिस पर फ़ारसी शैली की चमकीली टाइलों (काशी/चीनी) का सम्पूर्ण अलंकरण है — नीले एवं फ़िरोज़ी रंग आज भी नदी की ओर के अग्रभाग पर दमकते हैं। मुग़ल अलंकरण कला में रुचि रखने वालों हेतु यह एक अनदेखा रत्न है।
समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक, सभी दिवस
साप्ताहिक अवकाश / विशेष दर्शन: सप्ताह के सातों दिन खुला।
प्रवेश शुल्क
| श्रेणी | प्रति व्यक्ति शुल्क |
| सभी दर्शक | निःशुल्क |
कैसे पहुँचें: एत्माद-उद-दौला के मकबरे से 1 किमी उत्तर, यमुना के बाएँ तट पर; ऑटो-रिक्शा से पहुँचा जा सकता है।
सुविधाएँ एवं सुझाव: एत्माद-उद-दौला एवं रामबाग़ के साथ यमुनापार धरोहर परिपथ में भ्रमण सर्वोत्तम।
ऑनलाइन टिकट: asi.paygov.org.in | पर्यटक हेल्पलाइन: 1363 | आपातकाल: 112
नोट :- 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों (भारतीय एवं विदेशी) का प्रवेश निःशुल्क है। विदेशी पर्यटकों हेतु ₹500 का ADA पथकर प्रतिदिन एक बार देय है, जो आगरा के प्रमुख स्मारकों पर उसी दिन मान्य रहता है; शुक्रवार को यह देय नहीं है। शुल्क ASI/ADA द्वारा संशोधन के अधीन हैं — वर्तमान दरें asi.paygov.org.in पर उपलब्ध हैं। कृपया केवल लाइसेंसधारी गाइड की सेवाएँ लें; उत्पीड़न या अधिक वसूली की शिकायत पर्यटक पुलिस (112) अथवा पर्यटक हेल्पलाइन 1363 पर करें।