एत्माद-उद-दौला का मकबरा
ASI संरक्षित स्मारक
मलिका नूरजहाँ द्वारा अपने पिता मिर्ज़ा ग़ियास बेग की स्मृति में 1622–1628 के मध्य निर्मित यह यमुना-तटीय मकबरा पूर्णतः श्वेत संगमरमर से बना पहला मुग़ल स्मारक है, जिसमें पित्रा-दूरा (पच्चीकारी) का व्यापक प्रयोग हुआ। ताजमहल की पूर्वपीठिका होने के कारण इसे ‘बेबी ताज’ भी कहा जाता है। इसकी महीन जालियाँ एवं रत्नजड़ित पच्चीकारी दर्शनीय हैं तथा यहाँ भीड़ अपेक्षाकृत कम रहती है।
समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक, सभी दिवस
साप्ताहिक अवकाश / विशेष दर्शन: सप्ताह के सातों दिन खुला।
प्रवेश शुल्क
| श्रेणी | प्रति व्यक्ति शुल्क |
| भारतीय नागरिक | ₹30 |
| सार्क / बिम्सटेक नागरिक | ₹30 |
| अन्य विदेशी नागरिक | ₹310 |
| 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे | निःशुल्क |
कैसे पहुँचें: आगरा किले से यमुना पार (बायाँ तट) लगभग 4 किमी, अलीगढ़ मार्ग पर; ऑटो-रिक्शा या टैक्सी से सुगमता से पहुँचा जा सकता है।
सुविधाएँ एवं सुझाव: गेट पर टिकट काउंटर; इसी यमुना-पार परिपथ में चीनी का रौज़ा एवं रामबाग़ के साथ भ्रमण किया जा सकता है।
ऑनलाइन टिकट: asi.paygov.org.in | पर्यटक हेल्पलाइन: 1363 | आपातकाल: 112
नोट :- 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों (भारतीय एवं विदेशी) का प्रवेश निःशुल्क है। विदेशी पर्यटकों हेतु ₹500 का ADA पथकर प्रतिदिन एक बार देय है, जो आगरा के प्रमुख स्मारकों पर उसी दिन मान्य रहता है; शुक्रवार को यह देय नहीं है। शुल्क ASI/ADA द्वारा संशोधन के अधीन हैं — वर्तमान दरें asi.paygov.org.in पर उपलब्ध हैं। कृपया केवल लाइसेंसधारी गाइड की सेवाएँ लें; उत्पीड़न या अधिक वसूली की शिकायत पर्यटक पुलिस (112) अथवा पर्यटक हेल्पलाइन 1363 पर करें।