फ़तेहपुर सीकरी
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल
सम्राट अकबर द्वारा 1571 में स्थापित फ़तेहपुर सीकरी लगभग 14 वर्षों तक मुग़ल साम्राज्य की राजधानी रही और आज भी लाल बलुआ पत्थर के एक सम्पूर्ण नगर के रूप में सुरक्षित है। यहाँ 54 मीटर ऊँचा बुलंद दरवाज़ा (विश्व के सबसे ऊँचे प्रवेशद्वारों में से एक), जामा मस्जिद, शेख़ सलीम चिश्ती की संगमरमर दरगाह, पंच महल, दीवान-ए-ख़ास तथा जोधाबाई महल स्थित हैं, जिनमें फ़ारसी, हिन्दू एवं जैन स्थापत्य शैलियों का संगम दिखता है।
समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक (लगभग प्रातः 6:00 – सायं 6:00), सभी दिवस; जामा मस्जिद स्थित दरगाह देर तक खुली रहती है
साप्ताहिक अवकाश / विशेष दर्शन: सप्ताह के सातों दिन खुला।
प्रवेश शुल्क
| श्रेणी | प्रति व्यक्ति शुल्क |
| भारतीय नागरिक | ₹50 |
| सार्क / बिम्सटेक नागरिक | ₹50 |
| अन्य विदेशी नागरिक | ₹610 |
| 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे | निःशुल्क |
कैसे पहुँचें: आगरा नगर से NH-21 (फ़तेहपुर सीकरी मार्ग) द्वारा 36–40 किमी पश्चिम; आईएसबीटी/ईदगाह से नियमित रोडवेज़ बसें एवं टैक्सी उपलब्ध। निजी वाहन नीचे पार्किंग में खड़े होते हैं; अधिकृत बैटरी बसें स्मारक द्वार तक जाती हैं।
सुविधाएँ एवं सुझाव: दीवान-ए-आम प्रवेश के समीप टिकट काउंटर; लाइसेंसधारी गाइड उपलब्ध; पर्यटक केवल अधिकृत गाइड की सेवाएँ लें तथा अनधिकृत दलालों से सावधान रहें।
ऑनलाइन टिकट: asi.paygov.org.in | पर्यटक हेल्पलाइन: 1363 | आपातकाल: 112
नोट :- 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों (भारतीय एवं विदेशी) का प्रवेश निःशुल्क है। विदेशी पर्यटकों हेतु ₹500 का ADA पथकर प्रतिदिन एक बार देय है, जो आगरा के प्रमुख स्मारकों पर उसी दिन मान्य रहता है; शुक्रवार को यह देय नहीं है। शुल्क ASI/ADA द्वारा संशोधन के अधीन हैं — वर्तमान दरें asi.paygov.org.in पर उपलब्ध हैं। कृपया केवल लाइसेंसधारी गाइड की सेवाएँ लें; उत्पीड़न या अधिक वसूली की शिकायत पर्यटक पुलिस (112) अथवा पर्यटक हेल्पलाइन 1363 पर करें।