रामबाग़ (बाग़-ए-गुल अफ़्शाँ)
मुग़लकालीन उद्यान
सम्राट बाबर द्वारा लगभग 1528 में विकसित रामबाग़ भारत का प्राचीनतम विद्यमान मुग़ल उद्यान माना जाता है — उसी चारबाग़ परम्परा का आदिरूप जिसकी पराकाष्ठा ताजमहल के उद्यानों में हुई। सोपानयुक्त पथ, जलधाराएँ एवं यमुना की ओर झुके मंडप इसे यमुनापार परिपथ का एक शांत पड़ाव बनाते हैं।
समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक, सभी दिवस
साप्ताहिक अवकाश / विशेष दर्शन: सप्ताह के सातों दिन खुला।
प्रवेश शुल्क
| श्रेणी | प्रति व्यक्ति शुल्क |
| भारतीय नागरिक | ₹25 |
| सार्क / बिम्सटेक नागरिक | ₹25 |
| अन्य विदेशी नागरिक | ₹300 |
| 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे | निःशुल्क |
कैसे पहुँचें: एत्माद-उद-दौला से लगभग 3 किमी उत्तर-पूर्व, आगरा–अलीगढ़ मार्ग पर (यमुना का बायाँ तट)।
सुविधाएँ एवं सुझाव: प्रातःकालीन भ्रमण हेतु छायादार उद्यान; गेट पर टिकट काउंटर।
ऑनलाइन टिकट: asi.paygov.org.in | पर्यटक हेल्पलाइन: 1363 | आपातकाल: 112
नोट :- 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों (भारतीय एवं विदेशी) का प्रवेश निःशुल्क है। विदेशी पर्यटकों हेतु ₹500 का ADA पथकर प्रतिदिन एक बार देय है, जो आगरा के प्रमुख स्मारकों पर उसी दिन मान्य रहता है; शुक्रवार को यह देय नहीं है। शुल्क ASI/ADA द्वारा संशोधन के अधीन हैं — वर्तमान दरें asi.paygov.org.in पर उपलब्ध हैं। कृपया केवल लाइसेंसधारी गाइड की सेवाएँ लें; उत्पीड़न या अधिक वसूली की शिकायत पर्यटक पुलिस (112) अथवा पर्यटक हेल्पलाइन 1363 पर करें।